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विश्व मे आज डिजिटल कर्रेंसी का उपयोग बढ़ ता जा रहा है भारत में भी डिजिटल करेंसी का चलन जोर पकड़ता जा रहा है देश मैं लाखों लोग डिजिटल कर्रेंसी (cryptocurrency) का उपयोग करते हैं भारत भी इसके असर से अछूता नहीं है. भारत ने अपनी डिजिटल करेंसी लाने का प्लान बनाना शुरू कर दिया है. देश के शीर्ष बैंक भारतीय रिजर्व बैंक ने डिजिटल मुद्रा पर काम करना भी शुरू कर दिया है.
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भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा है कि आरबीआई खुद की डिजिटल करंसी पर काम कर रहा है. यह करेंसी पूरी तरह क्रिप्टोकरेंसी से अलग होगी.
उन्होंने कहा कि तकनीकी क्रांति के दौर में भारत भी पीछे नहीं रहना चाहता. ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी (blockchain technology) के फायदों को अपनाने की जरूरत है. गवर्नर ने यह भी कहा कि क्रिप्टोकरेंसी को लेकर कुछ अलग तरह की चिंताएं भी हैं.
बॉम्बे चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के 185वें स्थापना दिवस में आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास (RBI Governor Shaktikanta Das) ने कहा कि भारत सफलता की राह पर आगे बढ़ने की दहलीज पर खड़ा है
क्रिप्टोकरेंसी को लेकर चिंताएं
एक दिन पहले ही एक निजी टीवी चैनल के साथ बातचीत में शक्तिकांत दास (Shaktikanta Das) ने कहा था कि आरबीआई क्रिप्टोकरेंसी के अर्थव्यवस्था की वित्तीय स्थिरता पर असर को लेकर चिंतित है और इस चिंता से बैंक ने सरकार को अवगत करा दिया है.
ब्लॉकचेन तकनीक का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ब्लॉकचेन तकनीक पूरी तरह से अलग है और इस तकनीक का अभी दोहन होना है. लेकिन क्रिप्टोकरेंसी को लेकर कुछ बड़ी चिंताएं हैं.
सरकार को भी ऐतराज
बता दें कि सरकार संसद में ऐसा विधेयक लाने की योजना बना रही है जिसके जरिये भारत में क्रिप्टोकरेंसी में कामकाज से रोका जा सकेगा. रिजर्व बैंक ने 2018 में बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थाओं को क्रिप्टोकरेंसी (cryptocurrency) के लेनदेन को समर्थन देने से रोक दिया था.
बैंक को चिंता थी कि डिजिटल मुद्रा का इस्तेमाल धोखाधड़ी के लिए किया जा सकता है. इसलिए उसने यह कदम उठाया.
कोर्ट ने हटाया प्रतिबंत
क्रिप्टोकरेंसी पर आरबीआई के प्रतिबंध को सुप्रीम कोर्ट ने 4 मार्च, 2020 को हटा दिया था. कोर्ट ने RBI के आदेश के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए क्रिप्टोकरेंसी को प्रतिबंधित करने के निर्णय को बेहद सख्त बताया.

